नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने खाताधारकों के लिए पीएफ निकासी की प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सदस्य यूपीआई (UPI) के जरिए प्रोविडेंट फंड की रकम निकाल सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सुविधा की टेस्टिंग चल रही है और इसे दिसंबर 2026 के अंत तक शुरू किए जाने की उम्मीद है। इससे पात्र खाताधारकों को जरूरत के समय पीएफ की रकम हासिल करने में सहूलियत मिल सकती है।
UAN पोर्टल से UPI के जरिए निकासी
फिलहाल पीएफ निकालने के लिए सदस्यों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम करना होता है। प्रक्रिया पूरी होने और मंजूरी मिलने के बाद रकम बैंक खाते में भेजी जाती है, जिसमें कुछ दिन लग सकते हैं।
नई व्यवस्था में पीएफ निकासी को यूपीआई से जोड़ने की योजना है। इसके लिए एक समर्पित मोबाइल ऐप भी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके जरिए भीम, फोनपे और गूगल पे जैसे ऐप से लेनदेन की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, अंतिम प्रक्रिया और लॉन्च की तारीख की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
75 प्रतिशत तक PF निकालने का विकल्प
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पात्र सदस्य अपने ईपीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जबकि 25 प्रतिशत रकम खाते में सुरक्षित रखी जाएगी। इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के लिए बचत बनाए रखना है।
निकासी की वास्तविक सीमा और पात्रता ईपीएफओ के लागू नियमों पर निर्भर करेगी। इसलिए सभी खाताधारकों को बिना शर्त 75 प्रतिशत रकम निकालने की सुविधा मिलने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
शिक्षा, शादी और इलाज में मिलेगी राहत
प्रस्तावित सुविधा से शिक्षा, शादी, गंभीर बीमारी और मकान निर्माण जैसी जरूरतों के लिए पात्र सदस्यों को रकम प्राप्त करने में आसानी हो सकती है। डिजिटल माध्यम से निकासी की प्रक्रिया तेज होने पर आपातकालीन खर्चों के लिए आर्थिक मदद मिल सकेगी।
ईपीएफओ के पास करोड़ों पंजीकृत सदस्य हैं, जिनमें करीब 7.5 करोड़ सक्रिय योगदानकर्ता बताए जाते हैं। नई सुविधा लागू होने पर इन्हें पीएफ निकासी में राहत मिलने की उम्मीद है।
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समय से पहले निकासी से घटेगी रिटायरमेंट बचत
पीएफ की रकम जरूरत के समय मददगार होती है, लेकिन समय से पहले निकासी से भविष्य के लिए जमा फंड कम हो सकता है। लंबे समय तक जमा राशि पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज मिलने से रिटायरमेंट फंड बढ़ता है। इसलिए पैसा निकालने से पहले मौजूदा जरूरत और भविष्य की बचत, दोनों पर विचार करना जरूरी है।

