भोपाल: मध्यप्रदेश में SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता भोपाल में निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके अगले दिन 29 सितंबर को प्रदेशभर में जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे भी मौजूद रहे।
मतदाता सूची में बदलाव पर कांग्रेस ने उठाए सवाल?
जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी पिछले करीब दो वर्षों से लोकतंत्र, मतदाता के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटता है तो इसका सीधा असर उसके मतदान के अधिकार पर पड़ता है।
SIR के बाद फरवरी 2026 में जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 5,39,81,065 मतदाता दर्ज किए गए। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में 5,74,06,143 मतदाता थे। प्रक्रिया के दौरान 34,25,078 नाम हटाए गए, जबकि ड्राफ्ट सूची के बाद अंतिम सूची में करीब 8.49 लाख मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी हुई। आयोग ने नाम हटाए जाने के कारणों में अनुपस्थिति, मृत्यु, स्थानांतरण और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण जैसी वजहें बताई थीं।
कांग्रेस ने रखीं कई मांगें
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच चाहती है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही कांग्रेस का कहना है कि जांच में यदि किसी तरह का आपराधिक कृत्य सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ FIR और कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि जिन वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने और नियमानुसार नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा अवसर दिया जाए।
28 सितंबर को भोपाल, 29 को जिलों में प्रदर्शन
28 सितंबर को कांग्रेस के कार्यकर्ता भोपाल में निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके बाद मंगलवार, 29 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
पटवारी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। वर्ष 2023 के कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।
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स्थानीय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग
जीतू पटवारी ने आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि EVM, VVPAT और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब संस्थागत और तकनीकी स्तर पर पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस आने वाले दिनों में इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाएगी। उनके मुताबिक कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की आगामी बैठक में भी मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

