जयपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। जयपुर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों और चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों के मामले को सरकार देखेगी।
आठवले ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और इसका राजनीतिक दलों से कोई संबंध नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान के कामकाज को लेकर राजनीति से बचना चाहिए।
कांग्रेस जीतती है तो सवाल नहीं उठते
आठवले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनाव प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि जहां BJP या NDA जीतती है, वहां राहुल गांधी EVM और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, जबकि कांग्रेस की जीत पर ऐसे सवाल नहीं उठते।
यह आठवले का राजनीतिक आरोप है। विपक्ष हाल के दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है। वहीं चुनाव आयोग ने कथित आंतरिक मतभेदों पर कहा है कि आयोग में अलग-अलग राय आना सामान्य प्रक्रिया है और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
चुनाव आयोग में मतभेद का क्या है मामला?
हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए।
चुनाव आयोग ने सफाई देते हुए कहा कि मल्टी-मेंबर संवैधानिक बॉडी में चर्चा के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य है। आयोग के मुताबिक SIR और दूसरे अंतिम फैसले फुल कमीशन की सहमति से लिए गए।
SIR पर भी बोले आठवले
Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर आठवले ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सही रखने के लिए गलत दस्तावेजों के आधार पर जुड़े नामों की जांच जरूरी है। उन्होंने SIR पर उठाए जा रहे सवालों को उचित नहीं माना।
यह भी पढ़ें: 80% पर पहुंचा CD Ratio, फिर भी सेफ हैं बैंक; RBI बुलेटिन में पूरी तस्वीर
राजस्थान पंचायत चुनाव में RPI की तैयारी
आठवले ने राजस्थान की राजनीति पर अपनी पार्टी की रणनीति भी बताई। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) जहां संभव होगा, वहां अपने उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी राजस्थान में जनाधार बढ़ाने पर काम कर रही है।
आरक्षण पर उन्होंने कहा कि आने वाली जनगणना से अलग-अलग जातियों की आबादी का डेटा सामने आने के बाद जनसंख्या के आधार पर आरक्षण पर चर्चा होनी चाहिए। 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर आठवले ने NDA सरकार के दोबारा बनने की उम्मीद जताई। यह उनका राजनीतिक आकलन है, चुनावी नतीजों के बारे में कोई स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं।

