भोपाल। राजधानी में स्थित प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य संबंधित कई मुद्दों को लेकर बात की। साथ ही उन्होने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि- राज्य और केंद्र से शिक्षा को लेकर जितना पैसा आया उसका ऑडिट (लेखापरीक्षा) होना चाहिए।
शिक्षा और कुपोषण की गंभीर स्थिति
जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि कैग रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में शिक्षा, गरीबों, कुपोषण और महिलाओं की स्थिति गंभीर रूप से चिंताजनक है। आज 60 लाख बच्चे स्कूलों में कम हो गए हैं, जबकि शिक्षा विभाग का बजट बढ़ गया है।
बच्चों और गाय पर खर्च का अंतर
उन्होंने कहा कि आज ₹12 बच्चों के लिए और ₹40 गाय के लिए खर्च हो रहा है, लेकिन दोनों ही कुपोषित हैं। देश में सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चे मध्य प्रदेश में हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के पास इसकी समीक्षा का समय नहीं है।
स्कूल शिक्षा का संकट
पहले 1 करोड़ 60 लाख बच्चे स्कूलों में पढ़ते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 1 करोड़ 4 लाख रह गई है। स्कूल शिक्षा विभाग का बजट 7 हजार करोड़ से बढ़कर 37 हजार करोड़ हो गया है, फिर भी 50 लाख बच्चों की संख्या घट गई है।
मिड‑डे मील और राशन की कमी
बजट बढ़ने के बावजूद मिड‑डे मील में अंजीर, दूध, काजू और सेब नहीं है। बच्चों को मिलने वाला राशन संबंधित अधिकारियों ने खा लिया। इस मामले पर कांग्रेस ने इसकी CBI जांच की भी मांग की है।
आर्थिक और प्रशासनिक मांगें
कांग्रेस ने राज्य और केंद्र से शिक्षा के लिए आए सभी पैसों का ऑडिट करने और शिक्षा से जुड़े सभी टेंडरों की ED/CBI जांच कराने की मांग की। इसके अलावा, शिक्षा से जुड़े सभी पहलुओं का सोशल ऑडिट भी होना चाहिए।
किसानों की स्थिति
इस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने किसानों की चिंता भी जताई है। उन्होंने कहा कि- किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे। साथ ही, मुख्यमंत्री की 11 दिन की विदेश यात्रा में 34 करोड़ रुपये खर्च होने पर सवाल उठाया कि यह मध्य प्रदेश के लोगों के भले के लिए कैसे है।


