भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने बिल को लेकर विरोध जताते हुए बड़े स्तर पर पदयात्रा निकाली, जिसमें मंत्री, सांसद और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
सड़कों पर उतरीं महिला नेता और कार्यकर्ता
बता दें भोपाल शहर के अलग-अलग हिस्सों से शुरू हुई जन- आक्रोश महिला पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ कार्यकर्ता महिला आरक्षण के समर्थन में आवाज उठाते नजर आए। ‘नारी शक्ति का सम्मान करो’ और ‘महिला आरक्षण लागू करो’ जैसे नारों से पूरा माहौल गूंजता रहा।
सीएम का बड़ा बयान
वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा ‘नारी अपने सम्मान के साथ हुए किसी भी अन्याय को कभी नहीं भूलती। महिला आरक्षण के मुद्दे पर जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार इस मुद्दे को सिर्फ बयान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि जनता के बीच ले जाकर बड़ा जनआंदोलन बनाएगी।’
विपक्ष पर लगाया आरोप
इसी के साथ ही बीजेपी नेताओं ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल को समर्थन नहीं देकर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। नेताओं का कहना है कि जब महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने की बात आती है, तो विपक्ष पीछे हट जाता है।
जनजागरण अभियान की शुरुआत
यह पदयात्रा सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़े अभियान की शुरुआत मानी जा रही है। जिसमें पूरे प्रदेश में चरणबद्ध कार्यक्रम, जिला स्तर पर रैलियां और सभाएं, स्थानीय निकायों में प्रस्ताव पारित जैसे कदम आगे उठाए जाएंगे।
इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और सांसद मौजूद रहे। पार्टी का फोकस साफ था महिला आरक्षण को एक बड़ा जन मुद्दा बनाना और इसे आगामी चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाना।


