इंसानियत शर्मसार एम्बुलेंस बनी सजा, मरीज से पहले गाड़ी की चिंता

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सतना। सुविधाएं क्या धन-दौलत और रसूख की पर्याय होती है? तो सतना में मानवता को शर्मसार करने वाला जो वीडियो सामने आया वह तो यही कह रहा है। दरअसल, सतना के अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एम्बुलेंस चालक घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से पहले मरीज के परिजनों से एम्बुलेंस को साफ करा रहा है। यह वीडियो सरकारी व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में तो खड़ा कर ही रहा है साथ ही मानवता पर भी कई प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
एम्बुलेंस को जीवन रक्षक माना जाता है, वही जब संवेदनहीनता का प्रतीक बन जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वभाविक हो जाता है। सतना में एक घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से पहले एम्बुलेंस साफ करवाने का मामला समाज को झकझोर रहा है। दुर्घटना में घायल कमलेश रावत को उसकी पत्नी के साथ एम्बुलेंस से अस्पताल लाया जा रहा था। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर उसे उल्टी हो गई। जिला अस्पताल पहुंचते ही एम्बुलेंस ड्राइवर ने शर्त रख दी कि पहले एम्बुलेंस धोई जाएगी फिर नीचे उतरना। पति की गंभीर हालत देख कर मजबूर पत्नी ने पानी से गाड़ी साफ की, जबकि पति दर्द से कराहता रहा।
वीडियो ने खोली सच्चाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। सहानुभूति की कमी और पेशेवर जिम्मेदारी पर सवाल उठे। लेकिन क्या एम्बुलेंस चालक पर कोई ठोस कार्रवाई की गई या नहीं यह अभी सवाल बना हुआ है।
कार्रवाई की मांग
लोगों ने ड्राइवर पर सख्त कार्रवाई और मानवीय प्रशिक्षण की मांग की है। यह घटना सिस्टम में संवेदनशीलता की जरूरत को रेखांकित करती है।