पटना। बिहार की राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार की औपचारिक शुरुआत कर दी। उनके साथ विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। यह टीम अब राज्य की नई प्रशासनिक दिशा तय करेगी।
मंच पर दिखी एकजुटता
बता दें शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार की मौजूदगी खास रही, जिन्होंने सम्राट चौधरी के नेतृत्व को समर्थन दिया। पार्टी के अंदर सहमति से उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर स्पष्टता और एकजुटता है।
मंदिर दर्शन के बाद संभाली कमान
जानकारी के अनुसार, शपथ से पहले सम्राट चौधरी ने मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और इसके बाद समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें वरिष्ठ नेताओं के विश्वास और मार्गदर्शन से मिली है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सरकार विकास, प्रगति और सुशासन को नई रफ्तार देगी।
प्रशासनिक बदलाव के संकेत
नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में नीति और प्रशासनिक स्तर पर बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में विकास परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़े बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार का फोकस ‘परफॉर्मेंस ड्रिवन गवर्नेंस’ और तेज निर्णय प्रक्रिया पर रहेगा।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार का असर राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। जहां सत्तारूढ़ गठबंधन इसे नई ऊर्जा के रूप में देख रहा है, वहीं विपक्ष भी सरकार के हर फैसले पर नजर बनाए हुए है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नई सरकार अपने वादों पर कितना खरा उतरती है।


