भोपाल। मप्र के पन्ना और मुरैना जिले के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के खिलाफ गंभीर शिकायतें पुलिस मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक पहुंची हैं। दोनों अधिकारियों के खिलाफ आई शिकायतों पर पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान में लिया है।
पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के खिलाफ प्रदेश के रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि पिछले दिनों सेवानिवृत उप पुलिस अधीक्षक भरत सिंह चौहान के साथ पन्ना पुलिस द्वारा अमानवीय और गैरकानूनी आचरण किया। ज्ञापन में इस प्रकरण में अग्रिम जांच पन्ना पुलिस के स्थान पर किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की गई। पन्ना पुलिस के द्वारा रिटायर्ड पुलिस अफसर और उनकी धर्मपत्नी पर जिन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है, वह अनावश्यक तौर पर बदले की भावना से लगाई गई प्रतीत होती है।
मुरैना एसपी के खिलाफ आरक्षक ने खोला मोर्चा
मुरैना पुलिस के आरक्षक रूप सिंह रावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वारयल हो रहा है। यह वीडियो पुलिस मुख्यालय के अफसरों तक पहुंचा है। जिसे संज्ञान में भी लिया जा रहा है। आरक्षक ने वीडियो में आरोप लगाए हैं कि पुलिस अधीक्षक के निवास पर उनसे झाडू-पोंछा करवाया जाता है। साथ ही झूठे बर्तन तक धुलवाएं जाते हैं। यहां तक कि बीमारी की स्थिति में भी छुट्टी नहीं दी जाती है। पीएचक्यू सूत्र बताते हैं कि आरक्षक के इस वीडियो पर संज्ञान लिया गया है। वर्तमान में मुरैना के पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ हैं। आरक्षक ने वीडियो में एसपी की पत्नी पर भी आरोप लगाए हैं। वीडियो के अनुसार उसे पथरी की गंभीर बीमारी है। उसका आरोप है कि इलाज के लिए जब छुट्टी का आवदेन दिया जाता है, तो पुलिस अधीक्षक द्वारा उसके आवेदन को कचरे में फेंक दिया जाता है।


