लांजी में स्थित अखिल विश्व गायत्री शक्तिपीठ के 44 वां वर्ष पूर्ण होने पर संपन्न करवाया गया धार्मिक समारोह

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लांजी। अखिल विश्व गायत्री शक्तिपीठ, लांजी ने अपने गौरवशाली 44 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। स्थापना दिवस के अवसर पर यज्ञ-हवन, पूजन, कीर्तन और महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ

स्थापना दिवस के अवसर पर गायत्री मंदिर परिसर में विधिवत यज्ञ-हवन और पूजन किया गया। यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कीं। इस दौरान राष्ट्र कल्याण, विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समाज के नैतिक उत्थान की कामना की गई। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और भक्ति भाव की गूंज सुनाई दी।

18 दिसंबर 1981 की स्मृतियों को किया गया नमन

इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि – प्रतिवर्ष 18 दिसंबर को शक्तिपीठ का स्थापना दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1981 में स्थापित इस शक्तिपीठ की स्मृतियों को हर वर्ष श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। ट्रस्ट ने सभी सहयोगकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं गायत्री परिवार के सदस्यों के योगदान की सराहना की, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होता है।

गायत्री परिवार की व्यापक सहभागिता

कार्यक्रम में ट्रस्ट अध्यक्ष के. एल. मेहरबान, लिलेश्वर बबलू खानोरकर, कवरलाल लिल्हारे, देवेंद्र पांडे, सूरज लाल बिलावर, बढ़गैया, विनोद तिड़के सहित महिला मंडल, प्रज्ञा मंडल, युवा मंडल, अखंड ज्योति पत्रिका योजना के पाठकगण और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विशाल भंडारे के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सभी धर्मप्रेमियों ने महाप्रसाद ग्रहण कर आयोजन को आध्यात्मिक आनंद के साथ पूर्ण किया। यह समारोह सामाजिक एकता, सेवा और अध्यात्म का सशक्त संदेश देता नजर आया।