जबलपुर; मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के बावजूद किसान कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रशासन भले ही सख्त निगरानी और नियमों के पालन का दावा कर रहा हो, लेकिन खरीदी केंद्रों पर अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।पाटन रोड पर स्थित आरक्षा समिति के श्री वेयरहाउस खरीदी केंद्र पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां निर्धारित मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रशासन द्वारा एक बोरी का अधिकतम वजन 40 किलो 600 ग्राम तय किया गया है, लेकिन केंद्र पर 41 किलो से ज्यादा धान भरवाया जा रहा है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अवैध वसूली का आरोप
सबसे गंभीर आरोप अवैध वसूली का है। किसानों का कहना है कि प्रति बोरी 20 रुपये की रिश्वत ली जा रही है, जो एक क्विंटल धान पर 40 रुपये तक पहुंच जाती है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों पर यह अतिरिक्त बोझ असहनीय हो गया है।इसके अलावा, इस बार खरीदी केंद्रों की संख्या सीमित रखी गई है और रोजाना खरीदी की मात्रा पर भी कैप लगा दी गई है। इससे किसानों में समय पर पूरी उपज बिकने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खरीदी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव
खरीदी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही तेज धूप से बचने के लिए टेंट या छाया की सुविधा। घंटों लंबी कतारों में खड़े किसानों, खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने नियमों का सख्त पालन, अवैध वसूली पर रोक और पानी, टेंट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि शिकायतों पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।यह मामला किसानों की समस्याओं को उजागर करता है, जहां सरकारी योजनाएं धरातल पर उतरते समय कई बाधाओं का सामना कर रही हैं।


