देहरादून। त्रिपुरा के एमबीए छात्र एंजेल चकमा की मौत के मामले में पुलिस ने हैरान करनेवाली जानकारी दी है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि- यह घटना नस्लीय हिंसा नहीं थी, बल्कि आपसी कहासुनी और गुस्से में हुई हिंसा का नतीजा थी। इस मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही नस्लीय हमले की आशंकाओं को खारिज किया है।
नहीं हुआ नस्लीय हमला
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि- पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सभी पोस्ट्स की जांच की है, लेकिन अब तक नस्लीय भेदभाव या नस्लीय हिंसा का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 दिसंबर करीब शाम 6 बजे देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में हुई थी। जहा पर एक युवक द्वारा अपने बेटे के जन्मदिन के अवसर पर पार्टी आयोजित की गई थी, जिसमें छह लोग शामिल हुए थे। जिसके बाद पार्टी के दौरान चल रहा दोस्ताना हंसी-मजाक ने व्यक्तिगत रूप से ले लिया। जिसके बाद एंजेल चकमा अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ सेलाकुई बाजार स्थित शराब के ठेके पर गए थे, जहां कुछ स्थानीय युवकों से कहासुनी हुई और वहीं से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
गुस्से में किया जानलेवा हमला
जानकारी अनुसार, विवाद के दौरान आवेश में आकर पास की अंडे की दुकान से चाकू उठाया गया और एंजेल चकमा पर हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल एंजेल को आनन-फानन में ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने 14 दिन तक जिंदगी से जंग लड़ी, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
एंजेल चकमा के आखिरी शब्द
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान एंजेल चकमा बार-बार कहते रहे, “मैं भारतीय हूं”, जिसे खुद को बचाने की उनकी आखिरी कोशिश माना जा रहा है। हालांकि इस बात पर पुलिस का कहना है कि इस बयान के बावजूद भी नस्लीय हमले की पुष्टि नहीं होती।
जांच जारी, मुख्य आरोपी फरार
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि- आरोपियों में शामिल नेपाली नागरिक यज्ञराज अवस्थी घटना के बाद से फरार है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और अदालत से गैर-जमानती वारंट भी जारी कराया गया है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


