रायपुर। सरकारी सेवा में रहते हुए पढ़ाई करना अधिकार है, लेकिन तरीका नियमों के दायरे में ही होगा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस पर बड़ा और स्पष्ट फैसला सुना दिया है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अदालत में कार्यरत कर्मचारियों की पढ़ाई को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक कर्मचारी को रेगुलर छात्र के रूप में एलएलबी करने की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने कहा कि सेवा में रहते हुए कोई भी कर्मचारी नियमित कक्षा में पढ़ाई नहीं कर सकता। नए नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को केवल प्राइवेट या पत्राचार माध्यम से पढ़ाई करने की अनुमति है।
यह फैसला रायपुर जिला न्यायालय के एक कर्मचारी से जुड़े मामले में आया, जिसे एलएलबी तृतीय वर्ष में नियमित रूप से प्रवेश दिया गया था। हाई कोर्ट प्रशासन ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी, जिसे डिवीजन बेंच ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट का मानना है कि नियमित पढ़ाई से कर्मचारी की कार्यक्षमता और कार्यालयीन अनुशासन प्रभावित होता है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट दिशा तय हो गई है।
कोर्ट का साफ संदेश, नौकरी के साथ क्लास नहीं, सिर्फ प्राइवेट पढ़ाई की अनुमति


