कटनी। शिक्षा में समानता का दावा करने वाले नए नियम अब विवाद की जड़ बनते जा रहे हैं। कटनी में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि अगर सरकार नहीं झुकी, तो आंदोलन और तेज होगा।
यूजीसी समता विनियम 2026 के विरोध में कटनी जिले में सर्वदलीय समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर इन नियमों को भेदभावपूर्ण बताया।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि यह नियम सामान्य वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने की साजिश है। उन्होंने समिति में सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों को शामिल न किए जाने पर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और सरकार से नियमों पर पुनर्विचार की मांग की गई। नेताओं और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नियम वापस नहीं लिए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही 1 फरवरी को भारत बंद का आह्वान भी किया गया है।
प्रशासन ने ज्ञापन लेकर उचित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस फैसला चाहिए। यह मुद्दा अब केवल शिक्षा नीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की बहस का केंद्र बनता जा रहा है।
समानता पर सवाल? यूजीसी नियमों के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष का ऐलान
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