सतत् प्रयास से हुई भारतीय प्रसन्नजीत की पाकिस्तान से वापसी- विक्रम देशमुख

शेयर करे

वारासिवनी। बालाघाट जिले के लिए खुशी और सम्मान का क्षण है। जिसमें वारासिवनी निवासी प्रसन्नजीत रंगारी (38 वर्ष), जो लंबे समय से पाकिस्तान की कैद में थे, आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आए हैं। उनकी स्वदेश वापसी पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं इंजीनियर विक्रम के.डी. देशमुख ने भारत सरकार तथा इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। यह मामला न केवल मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा है, बल्कि भारत सरकार की कूटनीतिक सक्रियता का भी महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख ने बताया कि- वे फार्मासिस्ट प्रसंजीत रंगारी की रहस्यमयी गुमशुदगी के मुद्दे को दिसंबर 2023 से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर रख रहे थे। बता दें सर्वप्रथम विक्रम ने दिसंबर 2023 में ग्राम -महकेपार (तिरोड़ी) में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर परिवार के दावों को समझकर,दिनांक 8/01/2024 को विदेश मंत्रालय, भारत सरकार को परिवार के दावे अनुसार प्रसन्नजीत के पाकिस्तान स्थित कोटलखपत जेल, लाहौर में कैद होने संबंधी शिकायत की थी|जिसके जवाब में विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 18/09/24 को  विदेश मंत्रालय के मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने सम्बंधी निर्देश दिए गए थे।

तत्पश्चात विक्रम द्वारा दिनांक 3/10/2024 को विदेश मंत्रालय के मदद पोर्टल पर गुमशुदा प्रसन्नजीत की वापसी के लिए शिकायत क्रमांक PK0RPT109327824 दर्ज की गई थी। जिसका जवाब विक्रम को 11 माह पश्चात दिनांक 10/09/2025 को ईमेल के द्वारा दिया गया,कि प्रसनजीत पाकिस्तान के लाहौर स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में जीवित है और सुनील अधय के छद्म नाम से रह रहा है। साथ ही यह बताया गया कि,भारतीय राजदूत के द्वारा 2/09/2025 को प्रसन्नजीत की रिहाई के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष विषय रखा गया था।

जिसके बाद प्रसन्नजीत की पाकिस्तान से रिहाई में हो रही देरी पर विक्रम द्वारा भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को दिनांक 22/09/2025 को ईमेल पर भी शीघ्र रिहाई की मांग की गई थी।

प्रसन्नजीत की रिहाई में हो रही देरी के कारणों को और भारतीय उच्चायोग इस्लामाबाद के द्वारा रिहाई के लिए किए जा रहे प्रयासों को पता लगाने के लिए,विक्रम द्वारा दिनांक 27/12/2025 को भारतीय उच्चायोग पाकिस्तान में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी की मांग की गई थी।जिसके जवाब में भारतीय उच्चायोग द्वारा प्रसन्नजीत के पाकिस्तानी कैद में होने और भारतीय कौंसुलर द्वारा उसके कुशल क्षेम लेने की जानकारी दिनांक 20/01/2026 को दी गई थी।

विक्रम देशमुख द्वारा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के काउंसलर, पासपोर्ट, वीजा डिवीजन और भारतीय उच्चायोग, इस्लामाबाद, पाकिस्तान को पुनः दिनांक 28/12/2025 को मदद पोर्टल पर दर्ज याचिका का हवाला देकर शिकायत की गई थी। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय,भारत सरकार को शिकायत याचिका क्रमांक E/2026/0006072 दिनांक 10/01/2026 को प्रस्तुत कर भारतीय नागरिक को पाकिस्तान की अवैध कैद से आजाद करने की मांग की गई थी।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य इंजीनियर विक्रम के.डी.देशमुख के 2 वर्षों के सतत् प्रयासों का परिणाम है,कि प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय में प्रस्तुत याचिकाओं के निराकरण के संबंध में अखिलेश सिंह (कल्याण अधिकारी),भारतीय उच्चायोग इस्लामाबाद, पाकिस्तान के द्वारा दिनांक 02/02/2026 को बताया गया,कि प्रसन्नजीत रंगारी को दिनांक 31/01/2026 को वाघा बॉर्डर,अमृतसर (पंजाब) से भारत भेज दिया गया है।

ग्राम-महकेपार (तिरोड़ी), कटंगी क्षेत्र की निवासी संघमित्रा राजेश खोबरागड़े द्वारा विक्रम देशमुख को उसके सगे भाई प्रसन्नजीत रंगारी के सकुशल भारत पहुंचने की जानकारी दी गई। उसके भारतीय पते और सुपुर्दगी की प्रक्रिया की जानकारी लेकर परिजनों को दी गई, ताकि प्रसन्नजीत रंगारी की रेड क्रॉस भवन,मजीठा थाना,अमृतसर (पंजाब)से बालाघाट जिले में सकुशल वापसी सुनिश्चित हो सके।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य इंजीनियर विक्रम के.डी.देशमुख के इस भागीरथी प्रयास पर संघमित्रा राजेश खोबरागढ़े और उनके परिजनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *