डिब्रूगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़-मोरान मार्ग पर देश की पहली राजमार्ग-आधारित आपातकालीन लैंडिंग पट्टी का उद्घाटन किया। इस दौरान लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों का अद्भुत हवाई प्रदर्शन हुआ, जिसने पूर्वोत्तर की सामरिक क्षमता को नई मजबूती दी।
असम आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़-मोरान राजमार्ग पर निर्मित देश की पहली आपातकालीन लैंडिंग पट्टी का उद्घाटन किया। भारतीय वायुसेना द्वारा तैयार की गई 4.2 किलोमीटर लंबी इस सुविधा पर प्रधानमंत्री का विमान भी उतारा गया, जिसे ‘बाहुबली’ लैंडिंग कहा गया। यह पट्टी 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन अधिकतम वजन वाले परिवहन विमान के संचालन में सक्षम है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वायुसेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन का निरीक्षण किया। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला ऐसा केंद्र है, जो आपातकालीन स्थिति में नागरिक व सैन्य विमानों के उतरने और उड़ान भरने की योग्यता रखता है।
यह संरचना आपदा प्रबंधन, सैन्य तैनाती और राहत कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्राकृतिक आपदाओं तथा सामरिक परिस्थितियों में त्वरित सहायता पहुँचाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण साधन सिद्ध होगा।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री गुवाहाटी पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने 3,030 करोड़ रुपये की लागत वाले कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। साथ ही 5,450 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया। प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान परिसर का उद्घाटन किया तथा पीएम-ईबस सेवा योजना के अंतर्गत 225 विद्युत चालित बसों को हरी झंडी दिखाई। इस पहल से चार शहरों में स्वच्छ और किफायती सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलेगी।
असम में देश की पहली हाईवे आपातकालीन लैंडिंग पट्टी का उद्घाटन, मोरान में उतरा बाहुबली विमान


