बालाघाट। जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र को लेकर एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली विवादों में है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया है कि जिले की पुलिस कमजोर और मजलूम लोगों की रक्षा करने के बजाय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त आरोपियों के पक्ष में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि- नवेगांव थाना का इतिहास ऐसा रहा है जहां फरियादी को न्याय के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि आरोपी खुलेआम घूमते रहते हैं।
जमीन विवाद से जुड़ा मामला
बता दें प्रेस वार्ता में कंकर मुंजारे ने बताया कि गोंगलई निवासी जितेंद्र पटले के परिवार ने 30 जनवरी को कथित रूप से मारपीट और प्राणघातक हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप कमलेश सूर्यवंशी, इठ्ठुलाल पिछोड़े और योगेश नगपुरे पर लगाए गए। हालांकि, पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय फरियादी परिवार को ही दो घंटे तक थाने में बिठाकर रखा और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया।
महिलाओं से बदसलूकी के आरोप
वहीं पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि- पुलिस कर्मियों ने महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया और एक वृद्ध महिला के साथ अभद्रता की गई। साथ ही परिवार के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए, जिसे लेकर अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाए गए हैं। मामले में अब तक पुलिस अधीक्षक की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है।
न्याय ना मिलने पर आए प्रेस के सामने
मामले में कंकर मुंजारे ने कहा कि- जब पीड़ित को थाने से न्याय नहीं मिला तो वे उनके पास पहुंचे, जिसके बाद पूरे मामले को सार्वजनिक किया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि- यदि कानून व्यवस्था को इस तरह से दरकिनार किया जाएगा तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।


