देश में रसोई गैस गहराया संकट, होटल-रेस्टोरेंट संचालक परेशान, सरकार ने घरेलू सप्लाई को दी प्राथमिकता

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नईदिल्ली। देश के कई राज्यों में इन दिनों रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों से लेकर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग तक परेशानी बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित बताई जा रही है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि उनके पास केवल एक-दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपनी रसोई बंद करनी पड़ सकती है।
केंद्र सरकार ने उठाया कदम
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर घरेलू गैस आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसके तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार वैकल्पिक मार्गों से एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति का इंतजाम किया गया है, जो जल्द देश में पहुंच सकती है। इस बीच भारतीय रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
बिहार में सबसे ज्यादा असर
बिहार में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित बताई जा रही है। यहां फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, हॉस्टल और कैटरिंग सेवाओं पर सीधा असर पड़ा है।
राज्य में रोजाना करीब ढाई लाख गैस सिलेंडर की आपूर्ति होती है, जिनमें लगभग 12,500 कमर्शियल सिलेंडर होते हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए फिलहाल कमर्शियल सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को भी दिक्कत
गैस बुकिंग के बाद कई उपभोक्ताओं को डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (क्।ब्) नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण लोगों को गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और कई जगह लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
इंडियन ऑयल का दावा
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। कंपनी ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने बुकिंग की है, उन्हें समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
कंपनी के अनुसार 25 दिन के बाद बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं के डीएसी नंबर जारी किए जा रहे हैं और धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य की जा रही है।
प्रशासन सतर्क
पटना जिला प्रशासन ने गैस आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति विभाग गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच कर रहा है। स्पेशल ब्रांच के डीआईजी ने भी सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर गैस की कालाबाजारी और कृत्रिम संकट पैदा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उद्योग जगत की चिंता
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो भारत में गैस और ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है। होटल-रेस्टोरेंट, कैटरिंग और छोटे उद्योगों का कहना है कि यदि यह संकट लंबे समय तक चला तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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