उत्तराखंड। केदारनाथ धाम में बुधवार सुबह ठीक 8 बजे कपाट विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री केदार’ के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और इसी के साथ साल 2026 की केदारनाथ यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ हो गया।
सेना ने की फूलों की बारिश
कपाट खुलने के मौके पर भारतीय सेना ने हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। बर्फ से ढकी पहाड़ियों और मंदिर परिसर में बिखरे फूलों ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। सेना के बैंड की धुनों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।
पीएम के नाम पहली पूजा
वहीं परंपरा के अनुसार, कपाट खुलने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। यह पूजा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कराई गई। मुख्य पुजारी ने मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना शुरू की और पिछले वर्ष कपाट बंद करते समय ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाई गई भस्म को श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़
कपाट खुलने के तुरंत बाद मंदिर के द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पहले ही दिन करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं ताकि यात्रा सुचारू रूप से चल सके।
सीएम धामी का संदेश
साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने राज्य की खुशहाली और सुरक्षित यात्रा की कामना की।
पर्यटन विभाग का भी मानना है कि इस बार चारधाम यात्रा से राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
आध्यात्मिकता के साथ आधुनिक व्यवस्थाएं
बता दें इस बार केदारनाथ यात्रा में डिजिटल रजिस्ट्रेशन, बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम, मेडिकल सुविधाएं और हेलीकॉप्टर सेवाओं को और मजबूत किया गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।


