ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। महज 18 साल की उम्र में उभरते हुए तेज गेंदबाज मेहदी हसन हृदोय का निधन हो गया। वह लंबे समय से ल्यूकेमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से बांग्लादेश सहित क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। इतनी कम उम्र में एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी का दुनिया से चले जाना बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे मेहदी हसन हृदोय
मेहदी हसन हृदोय बांग्लादेश के प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटरों में शामिल थे। उन्होंने चट्टोग्राम डिवीजन की अंडर-18 क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे और अपनी प्रतिभा के दम पर क्रिकेट में आगे बढ़ने का सपना देख रहे थे।
कम उम्र में ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी से पहचान बनानी शुरू कर दी थी। क्रिकेट से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि आने वाले समय में वह बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। हालांकि, गंभीर बीमारी ने उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया।
ल्यूकेमिया से लड़ रहे थे जिंदगी की जंग
जानकारी के अनुसार, मेहदी हसन हृदोय ल्यूकेमिया से पीड़ित थे। यह रक्त और अस्थि मज्जा से जुड़ा एक प्रकार का कैंसर है। बीमारी के कारण उनका लंबे समय से इलाज चल रहा था। परिवार और क्रिकेट बोर्ड की ओर से उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार 24 अक्टूबर को इलाज के लिए ढाका ले जाते समय एंबुलेंस में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में दुख व्यक्त किया जा रहा है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जताया गहरा दुख
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सोशल मीडिया के माध्यम से मेहदी हसन हृदोय के निधन की जानकारी साझा की। बोर्ड ने अपने शोक संदेश में कहा कि युवा क्रिकेटर का निधन बेहद दुखद है। वह चट्टोग्राम डिवीजन की अंडर-18 टीम का हिस्सा रह चुके थे और उन्हें एक होनहार बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में देखा जाता था।
बोर्ड ने उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उन्हें हिम्मत मिलने की कामना की। बोर्ड के अनुसार, मेहदी का क्रिकेट में भविष्य उज्ज्वल माना जा रहा था, लेकिन बीमारी के कारण उनका सफर बहुत जल्दी समाप्त हो गया।
इलाज के लिए दी गई थी पांच लाख टका की सहायता
मेहदी हसन हृदोय के इलाज के दौरान बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ओर से आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई गई थी। जानकारी के मुताबिक, 2 जुलाई को बांग्लादेश के युवा एवं खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री अमीनुल हक ने बीसीबी प्रबंधन कार्यालय में मेहदी के पिता को पांच लाख टका का चेक सौंपा था।
इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य परिवार को इलाज के खर्च में मदद पहुंचाना था। बोर्ड की ओर से सहायता से संबंधित वीडियो भी जारी किया गया था। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद युवा खिलाड़ी की जान नहीं बचाई जा सकी।
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अधूरा रह गया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का सपना
मेहदी हसन हृदोय का क्रिकेट सफर अभी शुरुआती दौर में था। अंडर-18 स्तर पर अपनी पहचान बनाने के बाद उनके सामने आगे बढ़ने के कई अवसर हो सकते थे। लेकिन गंभीर बीमारी के कारण वह अपने सपनों को पूरा नहीं कर सके।
हाल ही में अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन की खबर भी सामने आई थी। अब मेहदी हसन हृदोय के निधन ने क्रिकेट जगत को एक और दुखद समाचार दिया है।
महज 18 वर्ष की उम्र में इस युवा खिलाड़ी का निधन यह याद दिलाता है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। मेहदी हसन हृदोय भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक नहीं पहुंच सके, लेकिन एक होनहार खिलाड़ी के रूप में उनकी पहचान और क्रिकेट के प्रति उनका सपना हमेशा याद किया जाएगा।

