नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सदस्य देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए कहा कि अब समय है कि जन-केंद्रित BRICS के साथ-साथ व्यवसाय-केंद्रित BRICS को भी मजबूत बनाया जाए।
आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भारत का फोकस
पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए व्यापार सुगमता, डिजिटल कॉमर्स, MSME सहयोग, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और नियम आधारित बहुपक्षीय आर्थिक व्यवस्था को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ने से सदस्य देशों के बीच व्यापारिक अवसरों का विस्तार होगा और वैश्विक आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

नवाचार और सतत विकास पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “Building Resilience & Innovation for Cooperation & Sustainability” से प्रेरित भारत की BRICS अध्यक्षता का उद्देश्य सहयोग, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारत सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर एक मजबूत, समावेशी और नवाचार आधारित आर्थिक भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
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ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को मिलेगी नई दिशा
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक दक्षिण (Global South) की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है।उन्होंने विश्वास जताया कि BRICS देशों के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत, लचीला और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

