2019 की भारत-पाकिस्तान हवाई झड़प के दौरान चर्चा में आए पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिया है। करीब 20 साल की सैन्य सेवा के बाद उन्होंने सिविल एविएशन में नई पारी शुरू की है। 31 मार्च 2026 को वायुसेना से विदाई लेने के बाद अगस्त में उन्होंने क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 जॉइन की। यहां वह कमर्शियल पैसेंजर एयरक्राफ्ट के पायलट के रूप में सेवाएं देंगे।
2019 की हवाई मुठभेड़ से मिली पहचान
अभिनंदन फरवरी 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई हवाई कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे। पुलवामा हमले में 40 CRPF जवानों की मौत के बाद भारत ने 26 फरवरी को बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की गतिविधि के जवाब में अभिनंदन को MiG-21 बाइसन के साथ मिशन पर भेजा गया।
हवाई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराया। हालांकि, इसी दौरान उनका MiG-21 भी मिसाइल की चपेट में आ गया और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा।
यह भी पढ़े: PWD के कार्यपालन यंत्री के ठिकानों पर EOW का छापा, कार्रवाई जारी
पैराशूट से पाकिस्तान पहुंचे, 60 घंटे बाद लौटे
इजेक्ट करने के बाद अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जा गिरे और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब 60 घंटे बाद, 1 मार्च 2019 को उन्हें अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत वापस लाया गया। उनकी बहादुरी के लिए 2021 में उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
FLY91 में नई जिम्मेदारी
FLY91 ने मार्च 2024 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था। एयरलाइन का फोकस क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने और छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने पर है।

इसके बेड़े में ATR 72-600 विमान हैं और गोवा व हैदराबाद प्रमुख ऑपरेशनल बेस हैं। अभिनंदन का सैन्य विमानन से कमर्शियल एविएशन में यह बदलाव उनके लंबे सैन्य करियर के बाद एक नई शुरुआत है।
एयरफोर्स पायलट कैसे बनते हैं कमर्शियल पायलट?
सैन्य सेवा से रिटायर होने के बाद एयरफोर्स पायलट सिविल एविएशन में करियर बना सकते हैं। इसके लिए DGCA के नियमों के मुताबिक जरूरी सिविल पायलट लाइसेंस, मेडिकल फिटनेस और प्रशिक्षण पूरा करना होता है। सैन्य विमान उड़ाने का अनुभव मददगार होता है, लेकिन इससे कोई पायलट सीधे Airbus या Boeing उड़ाने के योग्य नहीं हो जाता। संबंधित विमान के लिए Type Rating और निर्धारित ट्रेनिंग जरूरी होती है।

