मुंबई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस कोऑपरेशन और हाई-टेक इनोवेशन पर फोकस के साथ भारत और फ्रांस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने का संकेत दिया है। तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुंबई में मुलाकात की। एआई इम्पैक्ट समिट के मंच से पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत-फ्रांस संबंध स्थिरता और भरोसे की मजबूत शक्ति बनकर उभर रहे हैं।
टेक्नोलॉजी, एआई और हेल्थ सेक्टर में नए संस्थान
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि दोनों देश मिलकर भविष्य-उन्मुख सहयोग को संस्थागत रूप दे रहे हैं। मोदी ने कहा- ये सिर्फ संस्थान नहीं, बल्कि फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म हैं, जो नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और रिसर्च को नई दिशा देंगे। इसके तहत हेल्थ सेक्टर में एआई के लिए भारत-फ्रांस सेंटर, डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर और एविएशन स्किल डेवलपमेंट के लिए नेशनल अलायंस सेंटरकी शुरुआत की जा रही है।
महत्वपूर्ण खनिज, बायोटेक और एडवांस्ड मटेरियल्स पर फोकस
साथ ही बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स, बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटेरियल्स को रणनीतिक प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते बाजार को देखते हुए यह साझेदारी सप्लाई चेन रेजिलिएंस को मजबूती देगी। सूत्रों के अनुसार, संभावित अरबों डॉलर के लड़ाकू जेट सौदे और डिफेंस को-प्रोडक्शन मॉडल पर भी चर्चा हुई, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को गति दे सकता है।
ऐतिहासिक संदर्भ से भविष्य की ओर
वहीं अपने संबोधन में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पिछले वर्ष फ्रांस के मार्सिले दौरे को याद किया। उन्होंने कहा कि मार्सिले वही शहर है जहां प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने यूरोप की धरती पर कदम रखा था। साथ ही, स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की ऐतिहासिक घटना का भी उल्लेख किया, जिन्होंने ब्रिटिश हिरासत से बचने के लिए वहीं समुद्र में छलांग लगाई थी। मोदी ने कहा कि इस बार भारत के “गेटवे” मुंबई में मैक्रों का स्वागत करना दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को भविष्य की साझेदारी से जोड़ने का प्रतीक है।


