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हवाई पट्टी बनी परीक्षा स्थान, होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सड़क पर बैठाए गए हजारों युवा

ओडिशा। संबलपुर जिले से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि हजारों अभ्यर्थी सड़क पर बैठकर परीक्षा दे रहे हैं, न उनके नीचे चटाई है और न ही लिखने के लिए कोई टेबल। हालात ऐसे हैं कि उम्मीदवारों को सड़क को ही टेबल बनाकर उत्तर लिखने पड़े।

सड़क पर ली गई परीक्षा

अब तक आपने बड़े-बड़े परीक्षा केंद्रों में परीक्षाएं होते देखी होंगी, लेकिन सड़क या एयरस्ट्रिप पर परीक्षा शायद ही कभी देखी गई हो। ओडिशा में ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला, जहां होमगार्ड भर्ती परीक्षा के लिए आए अभ्यर्थियों को जमादारपाली हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) पर बैठाया गया। चारों ओर खुला मैदान, नीचे न जमीन पर बिछावन और न बैठने की कोई व्यवस्था, बस सड़क पर कतार में बैठे युवा और हाथ में प्रश्नपत्र।

 

187 पदों के लिए पहुंचे 8 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी

यह मामला 16 दिसंबर को आयोजित हुई होमगार्ड भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। जहा संबलपुर जिले में होमगार्ड के सिर्फ 187 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन इसमें 8 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हो गए। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार पहुंचने के बाद प्रशासन ने उन्हें एयरस्ट्रिप पर बिठाकर परीक्षा लेने का फैसला किया।

इस परीक्षा के लिए न्यूनतम योग्यता पांचवीं पास तय की गई थी, लेकिन इसमें 12वीं और ग्रेजुएशन पास युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इससे बेरोजगारी की स्थिति भी साफ झलकती है।

ड्रोन वीडियो हुआ वायरल

इस पूरी परीक्षा का ड्रोन शॉट वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में हजारों युवक-युवतियां सड़क पर पंक्तियों में बैठे नजर आ रहे हैं। इस दृश्य ने लोगों को चौंका दिया और सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया। विपक्षी दलों ने इसे देश में बढ़ती बेरोजगारी से जोड़ते हुए कहा कि- हालात ऐसे हो गए हैं कि युवा होमगार्ड बनने के लिए भी सड़क पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर हैं। इसे प्रशासनिक लापरवाही और रोजगार संकट का उदाहरण बताया गया।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर लोग इस परीक्षा को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि “यह परीक्षा कम और भंडारा ज्यादा लग रहा है”, तो कुछ ने इसे उम्मीदवारों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी परीक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं दी गईं। यह मामला अब केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि व्यवस्था, बेरोजगारी और सरकारी तैयारी पर बड़ा सवाल बन गया है।

 

 

 

 

 

 

 

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