चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के बाद पार्टी में किसी भी तरह की नाराज़गी से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिनों से वे लगातार नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और कई नेताओं के घर जाकर भी चर्चा की है।
भूपेश बघेल ने बताया कि शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह ने उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। बैठक में पार्टी के विभिन्न नेताओं से विस्तार से बातचीत हुई।
हाईकमान के फैसले पर सभी सहमत
उन्होंने कहा, ‘जो फैसला हाईकमान ने लिया है, उस पर किसी को कोई एतराज नहीं है। सभी साथी हाईकमान के साथ हैं।’ हालांकि कुछ नेताओं ने अपने सुझाव और चिंताएं उनके सामने रखीं, लेकिन उन्होंने प्रभारी होने के नाते सभी को भरोसा दिलाया कि पार्टी में हर कार्यकर्ता और नेता के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
जिताऊ उम्मीदवार को मिलेगी प्राथमिकता
भूपेश बघेल ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस चुनाव में जीत को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। ‘अगर कोई जिताऊ उम्मीदवार है, तो उसे टिकट जरूर मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि नेताओं द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और सुझावों को वे हाईकमान तक पहुंचाएंगे।
किसी को खुद को अकेला समझने की जरूरत नहीं
उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं को संदेश देते हुए कहा कि कोई भी यह महसूस न करे कि उसके साथ कोई बड़ा नेता नहीं है। पार्टी सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ खड़ी है।
राजा वडिंग को बदलने की चर्चा से इनकार
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर भी भूपेश बघेल ने विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग को बदलने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने दोहराया कि पार्टी के भीतर संवाद की प्रक्रिया जारी है और सभी नेताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

