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मटवारा में संवेदनहीनता की सारी हदें पार, घर में घुसकर दलित युवक को नग्न कर पीटा

कटनी: मटवारा गांव से दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने एक दलित युवक के घर में जबरन घुसकर उसके साथ मारपीट की।

पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे लात-घूसों और डंडों से पीटा। मारपीट के दौरान युवक की मां अपने बेटे को बचाने के लिए आगे आई, तो आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ भी अभद्रता की और कपड़े फाड़ दिए।घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की। बताया जा रहा है कि शुरुआती कार्रवाई को लेकर परिवार ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। इसके बाद एसपी के कड़े रुख के बाद मामले में FIR दर्ज की गई।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस घटना की पूरी परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और मारपीट के कारणों की जांच कर रही है।

जबरन घर के अंदर घुसे आरोपी  

घटना 29 सितंबर की शाम की है। पीड़ित अरविंद ने बताया कि निवार बाजार में उसकी गाड़ी से एक स्कूटी को मामूली झटका लग गया था। इसी मामूली बात पर आक्रोशित होकर संजू बर्मन, सिद्धार्थ पाण्डेय और उनके अन्य साथियों ने बीच बाजार अरविंद से मारपीट की। अरविंद जान बचाकर मटवारा स्थित अपने घर पहुंचा, लेकिन आरोपी शांत नहीं हुए। वे करीब एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों की भीड़ लेकर अरविंद के घर आ धमके और जबरन अंदर घुस गए।

संवेदनहीनता की सारी हदें पार  

पीड़ित की मां के अनुसार, दबंगों ने घर पर धावा बोलकर छोटे बेटे को घसीटते हुए आंगन में ला खड़ा किया। आरोपियों ने उसके सारे कपड़े फाड़कर उसे नग्न कर दिया और लात-घूसों तथा डंडों से निर्दयतापूर्वक पीटना शुरू कर दिया। बेबस मां अपने जवान बेटे को चंगुल से छुड़ाने के लिए रहम की भीख मांगती रही, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। जब मां ने बेटे को बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उनके साथ भी हाथापाई की और उनके कपड़े फाड़ दिए।

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BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज 

घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में स्लीमनाबाद थाने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया और एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल करती रही। स्थानीय पुलिस की इस बेरुखी से हताश होकर पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। SP के कड़े हस्तक्षेप के बाद स्लीमनाबाद पुलिस तत्काल हरकत में आई और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

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