भोपाल: शहर में साहित्य और कविता प्रेमियों को एक मंच पर जोड़ने की पहल के तहत छतनारा समूह द्वारा रविवार सुबह 81वीं पोएट्स वॉक का आयोजन किया गया। इस बार कार्यक्रम भोपाल के सैर सपाटा स्थित झील किनारे आयोजित हुआ, जहां शहर के 25 से अधिक कवियों और कविता प्रेमियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम में युवा कवियों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त सदस्यों तक ने उत्साह के साथ भाग लिया। कई लोग अपने परिवार के साथ भी इस साहित्यिक आयोजन में शामिल हुए।
पोएट्स वॉक छतनारा समूह की नियमित गतिविधियों में शामिल है। इसके माध्यम से शहर के कवि और कविता प्रेमी प्राकृतिक स्थलों पर एकत्रित होकर अपनी कविताओं और शायरी का पाठ करते हैं। रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत में सभी प्रतिभागी वन विहार के चीकू द्वार के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद सभी ने साथ में सैर की। इस दौरान विश्व कविता और अनुवाद की प्रक्रिया जैसे साहित्यिक विषयों पर चर्चा भी हुई।
इसके बाद सैर सपाटा के पास झील किनारे कविता और शायरी का दौर शुरू हुआ। युवा शायर मनन दीक्षित ने कार्यक्रम की मेजबानी की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पोएट्स वॉक की परिकल्पना और इसके उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। इसके बाद शायर अभय शुक्ला की दो गजलों के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
कवियों ने अपनी रचनाओं से बांधा समां
कार्यक्रम में सबसे पहले अमित गांगले ने अपनी गजलें सुनाईं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा। इसके बाद सुहास मिश्रा ने हिंदी कविता प्रस्तुत की। उनकी रचना में विरह-वेदना और मनुष्य के आंतरिक संघर्ष को शब्दों के माध्यम से व्यक्त किया गया।
भाग्यश्री ने भी अपनी हिंदी कविता सुनाकर साहित्य प्रेमियों के साथ अपने विचार साझा किए। देवेंद्र जेठवानी ने हास्य रचनाओं की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया और श्रोता ठहाके लगाने लगे। वहीं अनुपम ने प्रेम के अलग-अलग आयामों को नज्म के रूप में प्रस्तुत किया। असद ने अपनी नज्मों से श्रोताओं की सराहना हासिल की।
कार्यक्रम में प्रख्यात शायर निवेश साहू की मौजूदगी भी खास रही। उन्होंने अपनी गजलें सुनाईं। उनकी रचना की पंक्तियां ‘सर पर अजीब धूप सी तारी है इन दिनों, बार-ए-शिकस्त और भी भारी है इन दिनों’ ने श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।
कुमार राजन ने निशांत की कविता ‘अजन्मी बेटी के नाम’ का पाठ किया। वहीं कार्यक्रम के होस्ट मनन दीक्षित ने भी अपनी गजलें प्रस्तुत कीं।
कविता के जरिए बढ़ रहा है साहित्यिक परिवार
कार्यक्रम के समापन पर छतनारा की निर्देशिका मोहिनी शर्मा ने सभी प्रतिभागियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पोएट्स वॉक अब केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि निरंतर बढ़ता हुआ परिवार बन गया है। इसमें युवा पीढ़ी से लेकर वरिष्ठ नागरिक और परिवार सहित आने वाले कविता प्रेमी जुड़ रहे हैं।
मोहिनी शर्मा ने सभी साहित्य प्रेमियों से छतनारा की निशुल्क लाइब्रेरी में आकर पढ़ने और साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ने का आग्रह भी किया।
इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर भोपाल में साहित्य, कविता और शायरी के प्रति लोगों की रुचि को साझा मंच मिला। प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इस साहित्यिक मिलन में कविताओं के साथ विचारों और अनुभवों का भी आदान-प्रदान हुआ।

