नई दिल्ली: BRICS समिट के दूसरे दिन रविवार को भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रुप फोटो सेशन से हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खड़े दिखाई दिए।
समिट को संबोधित करते हुए PM मोदी ने दुनिया में बढ़ते तनाव और उसके असर की बात की। उन्होंने कहा कि आज कोई भी देश पूरी तरह अलग नहीं है। सभी देश किसी न किसी तरह एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए दुनिया के किसी एक हिस्से में पैदा हुई परेशानी का असर दूसरे देशों तक भी पहुंचता है।
महामारी और सप्लाई चेन का दिया उदाहरण
PM मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी, जलवायु से जुड़ी आपदाओं और Supply Chain में आई परेशानियों ने यह साफ कर दिया है कि दुनिया कितनी आपस में जुड़ी हुई है। ऐसे हालात में देशों के बीच सहयोग पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
समिट के दूसरे दिन PM मोदी की सात देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी तय हैं। इन बैठकों में आपसी रिश्तों के साथ व्यापार और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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नई दिल्ली डेक्लरेशन पर BRICS देशों की सहमति
BRICS देशों ने समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को भी मंजूरी दी है। इसमें आतंकवाद समेत कई अहम मुद्दों पर सदस्य देशों ने अपना साझा रुख रखा। डेक्लरेशन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई, साथ ही आतंकियों को मिलने वाली Funding रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाना देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की बात कही गई।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच BRICS देशों का कई मुद्दों पर साझा बयान सामने आना भी अहम माना जा रहा है। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सदस्य देशों की अपनी राय होने के बावजूद समिट में सहयोग और बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया गया।

