भाई गांजा तस्करी में गिरफ्तार : विवादों में प्रतिमा बागरी

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खजुराहो। महाराजा कन्वेंशन सेंटर से मीडिया को देखकर राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी भागी। बता दें सतना जिले की पुलिस ने मंत्री के भाई अनिल बागरी को 45 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। पकड़े गए दूसरे आरोपी का नाम पंकज सिंह बताया गया है। पुलिस के अनुसार, गांजे की खेप को धान की बोरी में छिपाकर रखा गया था। इसी मामले में प्रतिमा बागरी से जब सवाल पूछा गया तो, उन्होने मीडिया से गुस्साऐं लहजे में बात की।

मीडिया पूछते ही मंत्री का गुस्सा

घटना उजागर होने के बाद जब मीडिया ने मंत्री प्रतिमा बागरी से उनके भाई की गिरफ्तारी और तस्करी के आरोपों पर सवाल पूछा, तो उन्होंने तीखे लहजे में कहा — “जबरदस्ती की बात क्यों करते हो तुम लोग?” इसके बाद प्रतिमा बागरी ने किसी भी अन्य सवाल का जवाब नहीं दिया और तेजी से वहां से चली गईं।

अधिकारी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी अनिल बागरी और पंकज सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। तस्करी रैकेट के अन्य सदस्यों और आपूर्ति‑चैन की भी तलाश शुरू कर दी गई है।

कौन हैं मंत्री प्रतिमा बागरी?

बात दें कि प्रतिमा बागरी मध्य प्रदेश के सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुकी हैं।
2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा को भारी मतों के अंतर (लगभग 36,060 वोटों) से हराया था। उनकी इस जीत को देखते हुए उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।  वे सबसे कम‑उम्र की मंत्री है।