भोपाल। मध्य प्रदेश में होली से पहले सार्वजनिक परिवहन बाधित होने का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस संचालक हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। मौजूदा समय में राज्य की सड़कों पर लगभग 20 हजार बसें चलती हैं। जो रोजाना लाखों यात्रियों को अपने गनतव्य तक पहुंचाती हैं। लेकिन बस संचालकों द्वारा हड़ताल करने की स्थिति में सभी 55 जिलों पर इसका असर पड़ सकता है।
नई नीति में सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल के तहत सात कंपनियों को बस संचालन के ठेके देने की योजना है। जिसका विरोध प्रदेश भर के निजी बस संचालक करने का मन बना रहे हैं। बस ऑपरेटर यूनियन ने आगामी 2 मार्च को प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। संचालकों का कहना है कि इससे उनका व्यवसाय खत्म हो जाएगा। वे सरकार से नीति में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई नई परिवहन नीति के विरोध में प्रदेश भर के निजी बस ऑरेटर एक जुट हो रहे हैं।


