भोपाल: मध्य प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियों के चलते सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर तीन महीने की रोक लगाने का फैसला किया गया है। जनवरी से मार्च 2027 तक अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण नहीं होंगे। सरकार का मानना है कि जनगणना जैसे बड़े अभियान के दौरान मैदानी अमले में बदलाव से काम प्रभावित हो सकता है। इस बार देश में पहली बार डिजिटल तरीके से जनगणना होगी। इसके लिए प्रदेश में करीब दो लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी।
जनवरी से मार्च तक नहीं होंगे तबादले
राज्य सरकार ने जनगणना के काम में निरंतरता बनाए रखने के लिए जनवरी से मार्च 2027 तक प्रशासनिक तबादलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों को पहले से कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जनगणना से जुड़े कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। ये अधिकारी विभागों और जनगणना से जुड़े अमले के बीच समन्वय बनाए रखेंगे।
पहली बार डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
जनगणना-2027 में आंकड़ों का संग्रहण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। मैदानी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी वेब पोर्टल से होगी। इस बार नागरिकों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। इसके तहत लोग वेब पोर्टल पर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।
दो लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी
प्रदेशभर में करीब दो लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। इनकी व्यवस्था विभिन्न सरकारी विभागों से की जाएगी। जनगणना का दूसरा चरण यानी वास्तविक जनसंख्या गणना जनवरी-फरवरी 2027 में होगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया 12 और 13 नवंबर को मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण से शुरू होगी। इसके बाद नवंबर के तीसरे सप्ताह में कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
विद्यार्थियों को भी जागरूकता अभियान से जोड़ेंगे
स्व-गणना की सुविधा के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए कॉलेज विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। वे नागरिकों को ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया समझाएंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर छोटे वीडियो जारी कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल भी तैयार किए जाएंगे।
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जनगणना को ध्यान में रखकर तय होगी परीक्षा की तारीखें
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें सभी विभागों को समय पर जिम्मेदारियां तय करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग से कहा गया है कि वर्ष 2027 का परीक्षा कैलेंडर तैयार करते समय जनगणना की अवधि का ध्यान रखा जाए, ताकि परीक्षाओं और जनगणना के काम में कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या न आए।

