भोपाल: सोयाबीन और मक्का की उपज लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों को अब छुट्टियों के कारण परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने फसल की बढ़ती आवक को देखते हुए अवकाश के दिनों में भी कृषि मंडियों का संचालन जारी रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंडी बोर्ड ने सभी संयुक्त संचालकों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को व्यापारियों के साथ समन्वय बनाकर छुट्टी के दिन भी खरीदी-बिक्री चालू रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
दरअसल, प्रदेश की मंडियों में इन दिनों सोयाबीन और मक्का सहित अन्य अधिसूचित फसलों की आवक बढ़ रही है। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में साप्ताहिक या अन्य अवकाश के कारण मंडियां बंद रहने से किसानों को फसल बेचने के लिए अगले कार्यदिवस तक इंतजार करना पड़ता है। इससे उपज के भंडारण और परिवहन का खर्च बढ़ता है। वहीं, फसल की बिक्री में देरी होने से भुगतान मिलने में भी विलंब होता है।
व्यापारियों के साथ बैठक कर बनेगी व्यवस्था
मंडी बोर्ड ने सभी संयुक्त संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे मंडियों में कारोबार करने वाले लाइसेंसधारी व्यापारियों के साथ बैठक करें। आपसी सहमति और समन्वय के आधार पर अवकाश के दिनों में भी मंडी और उपमंडी परिसरों में खरीदी-बिक्री जारी रखने की व्यवस्था बनाई जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि छुट्टी के दिन उपज लेकर आने वाले किसानों को बिना बिक्री किए वापस न लौटना पड़े।
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किसानों को मिलेगा उपज बेचने का अतिरिक्त मौका
सरकार के इस फैसले से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अतिरिक्त दिन मिलेंगे। मंडियों का संचालन अवकाश में भी जारी रहने से उपज की बिक्री नहीं अटकेगी और किसानों को परिवहन तथा भंडारण से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही फसल बेचने के बाद भुगतान की प्रक्रिया में होने वाली देरी भी कम हो सकेगी। मंडी बोर्ड ने अधिकारियों को किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।

