झाबुआ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमता संवर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले को ₹283 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को ₹300 करोड़ के ऋण का वितरण कर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के 13 दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल/मोटरसाइकिल वितरित कीं। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि थांदला में स्थायी (पक्का) हेलीपेड का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश की हर विधानसभा में आधुनिक खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने झाबुआ की पद्मावती नदी पर घाट निर्माण कराने की घोषणा की। साथ ही पात्र हितग्राहियों को दिए गए पट्टों की पक्की रजिस्ट्री कराने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सिले हुए गणवेश तैयार कराए जाएंगे, जिससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। कई महिलाएं हर महीने ₹10,000 तक और सालाना करीब ₹1.20 लाख की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहना’, ‘लखपति बहना’ और ‘कृषि सखी’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। प्रदेश में 196 से अधिक दीदी कैफे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जो महिला उद्यमिता का सशक्त उदाहरण हैं।
औद्योगिक विकास और रोजगार पर फोकस
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन स्थापित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि एमएसएमई नीति, पीएम मित्र पार्क, कृषि, दुग्ध उत्पादन और कपास आधारित उद्योगों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
झाबुआ में स्व-सहायता समूहों की मजबूत भागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। अब तक प्रदेश के समूहों ने करीब ₹1,000 करोड़ का कारोबार किया है। उन्होंने कहा कि झाबुआ जिले में 11,900 से अधिक स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जो 1.56 लाख से अधिक परिवारों को आजीविका से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति की भागीदार बनाना है।

