भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्यूटी पर तैनात एक कॉन्स्टेबल के साथ कथित तौर पर मारपीट और अपहरण का मामला सामने आया है। शाहपुरा थाना क्षेत्र के दानापानी इलाके में गश्त के दौरान कॉन्स्टेबल ने खुले में शराब पी रहे युवकों को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि युवकों ने कॉन्स्टेबल को अपनी कार में बैठा लिया और देर रात तक शहर में घुमाते रहे।
चलती कार में कॉन्स्टेबल के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
थाने ले जाने के बहाने कार में बैठाया
जानकारी के मुताबिक, कॉन्स्टेबल सुंदरम पटेल ने दानापानी इलाके में कुछ युवकों को खुले में शराब पीते देखा। उन्हें रोकने के बाद कथित तौर पर युवक अपनी इनोवा कार से थाने जाने के लिए तैयार हुए।
ये भी पढ़े
MP में UCC के खिलाफ कांग्रेस का अभियान: 16 से 20 अगस्त तक जिलों में ज्ञापन
कॉन्स्टेबल भी कार्रवाई के लिए उनकी कार में सवार हो गए। आरोप है कि युवकों ने कार को थाने ले जाने के बजाय शहर की सड़कों पर दौड़ा दिया और कॉन्स्टेबल को काफी देर तक इधर-उधर घुमाते रहे।
चलती कार में मारपीट का आरोप
कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि कार में उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने किसी तरह कार से निकलने का प्रयास किया। आरोप है कि डीबी मॉल के सामने मौका मिलते ही कॉन्स्टेबल चलती कार से कूद गए और अपनी जान बचाई। इसके बाद उन्होंने शाहपुरा थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भूपेंद्र शर्मा के खिलाफ विदिशा जिले के गंजबासौदा में पहले से हत्या के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शराबखोरी को लेकर भी उठ रहे सवाल
घटना के बाद शहर में खुले में शराब पीने और शराब दुकानों के आसपास रात के समय होने वाली गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि कई स्थानों पर लोग सड़क किनारे या वाहनों में शराब का सेवन करते हैं। ऐसे में पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

