भोपाल: मध्यप्रदेश में सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। दमोह के एक ठेकेदार ने कथित तौर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के नाम से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराकर निवाड़ी जिले में दो सरकारी टेंडर हासिल कर लिए। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने ठेकेदार और उसकी निर्माण फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, दमोह निवासी रोहित बरोलिया ने इस संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दमोह निवासी लखन लाल कुर्मी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवाकर टेंडर प्रक्रिया में उसका इस्तेमाल किया। शिकायत की जांच में प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया।
छतरपुर पीएचई विभाग के नाम से बनाया प्रमाण पत्र
जांच में सामने आया कि प्रमाण पत्र छतरपुर के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री के नाम से तैयार किया गया था। इसमें ठेकेदार के पास हैंडपंप की गिरी हुई और फंसी पाइपलाइन निकालने का काम करने का अनुभव होना दर्शाया गया था। इसी अनुभव के आधार पर ठेकेदार ने निवाड़ी जिले में पीएचई विभाग के दो टेंडरों के लिए पात्रता हासिल की।
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ठेकेदार और फर्म के खिलाफ एफआईआर
ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद लखन लाल कुर्मी और उनकी फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 336(2) और 340(2) के तहत केस दर्ज किया है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच के दौरान यदि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

