उगली: सिवनी जिले के उगली थाना क्षेत्र में शिक्षक दंपति समन सिंह धुर्वे और मालती धुर्वे की मौत का मामला 51 दिन बाद भी रहस्य बना हुआ है। 10 जुलाई को दोनों के जले हुए शव उनके घर से बरामद हुए थे। शुरुआती जांच के बाद मामला हत्या की दिशा में पहुंचा, लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच में फॉरेंसिक टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी जांच जैसे कई संसाधनों का इस्तेमाल किया है। इसके बावजूद जांच का अंतिम नतीजा सामने नहीं आया है।
घर के अंदर मिले थे जले हुए शव
10 जुलाई को उगली थाना क्षेत्र में जग्गूटोला मार्ग स्थित मकान से दो जले हुए शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मकान थाना क्षेत्र से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बताया गया है। टना के समय कमरे में पलंग, कूलर और अन्य सामान भी आग की चपेट में आया था। दीवारों पर धुएं और कालिख के निशान थे। बाद में मृतकों की पहचान शिक्षक समन सिंह धुर्वे और उनकी पत्नी मालती धुर्वे के रूप में हुई। समन सिंह दामीझोला-मोहबर्रा क्षेत्र के स्कूल में शिक्षक थे, जबकि उनकी पत्नी मालती केवलारी विकासखंड के ग्राम कुम्हड़ा में शिक्षिका थीं।
पोस्टमार्टम के बाद बदली जांच की दिशा
शुरुआत में घटना को आग से हुई मौत के नजरिए से देखा गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका को केंद्र में रखकर जांच शुरू की। जांच में यह भी आशंका सामने आई कि हत्या के बाद शवों को जलाया गया हो सकता है, ताकि घटनास्थल से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हों।
हालांकि हत्या का तरीका, कारण और वारदात में शामिल लोगों की संख्या को लेकर पुलिस की ओर से अंतिम खुलासा अभी नहीं किया गया है।
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घटना से पहले दोनों से हुई थी बातचीत
घटना से पहले दंपति सामान्य रूप से संपर्क में थे। जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 6:30 बजे उनके बेटे ने दोनों से लगभग 12 मिनट तक फोन पर बात की थी। उसी रात समन सिंह की एक परिचित से भी बातचीत हुई थी। अगले दिन समन सिंह एक सरकारी बैठक में नहीं पहुंचे। सहकर्मियों ने संपर्क किया तो दोपहर करीब 12:30 बजे तक उनके मोबाइल पर घंटी जा रही थी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। मालती भी स्कूल नहीं पहुंचीं और उनका मोबाइल बाद में बंद मिला।
जांच में कई टीमें जुटीं, लेकिन नतीजा बाकी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद ली गई। साथ ही मोबाइल और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
अब लोगों को खुलासे का इंतजार
घटना के 51 दिन बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से क्षेत्र में चर्चा तेज है। परिजन और स्थानीय लोग चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द वारदात की पूरी कड़ी सामने लाए और दोषियों को गिरफ्तार करे।अब लोगों को पुलिस की जांच से ज्यादा उसके नतीजे का इंतजार है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही हत्यारों तक पहुंचेगी और इस खौफनाक हत्याकांड का पूरा सच सामने आएगा।

