नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल E20 पेट्रोल के मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वह प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे और E20 पेट्रोल के विरोध में लोगों द्वारा लिखी गई चिट्ठियां प्रधानमंत्री को सौंपेंगे।
केजरीवाल ने दावा किया कि करीब 2.3 लाख लोगों ने E20 पेट्रोल को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कर प्रधानमंत्री को पत्र लिखे हैं। उन्होंने कहा कि वह लोगों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री तक पहुंचेंगे।
ये भी पढ़े
संसद सत्र का 12वां दिन: विपक्ष का प्रदर्शन, कई अहम बिलों पर नजर
E20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल के आरोप
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर देश में E20 पेट्रोल लागू कर रही है, जिससे लोगों की गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर जनता की चिंताओं पर प्रधानमंत्री से चर्चा के लिए उन्होंने पहले भी पत्र लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब वह खुद लोगों की ओर से हस्ताक्षरित याचिकाएं लेकर प्रधानमंत्री आवास जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल की क्या हैं मांगें?
AAP संयोजक ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं-
- पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।
- E20 पेट्रोल की कीमतों में कटौती की जाए।
- E20 से जुड़े लोगों के सवालों और चिंताओं का समाधान किया जाए।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मार्च के दौरान उनके साथ करीब 100 लोग मौजूद रहेंगे।
भाजपा ने साधा निशाना
अरविंद केजरीवाल के मार्च के ऐलान पर भाजपा ने पलटवार किया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसे अराजकता की राजनीति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल बिना अनुमति प्रदर्शन कर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाने की रणनीति अपनाते हैं।
फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

