भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को अपनाया जाना केवल एक परिवहन निर्णय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है। मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर तक पेट्रोल वाहन की बजाय ईवी से यात्रा कर उन्होंने यह संकेत दिया कि आधुनिक प्रशासन अब हरित और ऊर्जा-संवेदनशील विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता गहराती जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग न केवल ईंधन की खपत को कम करता है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाने में मदद करता है। इस दृष्टि से मुख्यमंत्री का यह कदम नीतिगत संदेश के साथ-साथ व्यवहारिक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और मितव्ययिता के संदेश का उल्लेख करते हुए इस निर्णय को प्रेरणादायक बताया है। उनकी नई ईवी कार का पंजीयन नंबर भी ‘विकसित भारत 2047’ की अवधारणा से जुड़ा है, जो दीर्घकालिक विकास और सतत प्रगति की दिशा को दर्शाता है। यह पहल प्रशासनिक स्तर पर हरित तकनीक को अपनाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है और आम नागरिकों को भी पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर प्रेरित करती है। यदि ऐसे कदम व्यापक स्तर पर अपनाए जाएं, तो आने वाले वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण और ऊर्जा संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करना अधिक संभव हो सकेगा।
-मिलिंद ठाकरे

