नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के ताजा आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है। 7.7 प्रतिशत की विकास दर दर्ज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत लगातार मजबूत आर्थिक प्रदर्शन कर रहा है।
140 करोड़ भारतीयों की मेहनत का नतीजा– PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक विकास दर के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उपलब्धि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत न केवल मजबूती से आगे बढ़ रहा है, बल्कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति भी मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की विकास यात्रा आज जिस गति से आगे बढ़ रही है, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और जनता के सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया।
वित्त मंत्री ने सुधारों को और गति देने का दिया संकेत
वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी GDP आंकड़ों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक सुधारों की गति को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अर्थव्यवस्था की व्यापक मजबूती को दर्शाता है। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास दर बढ़ाना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश और उत्पादन क्षमता को भी मजबूत करना है।
चौथी तिमाही में भी मजबूत रही अर्थव्यवस्था
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.7 प्रतिशत रही, जबकि मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि घरेलू मांग, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में निरंतर सुधार देखने को मिला है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, स्टोरेज, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ती गतिविधियां देश की आर्थिक मजबूती का संकेत हैं और आने वाले समय में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत स्थिति
वहीं दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस समय भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं और धीमी विकास दर जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। ऐसे माहौल में भारत का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन उसे वैश्विक स्तर पर निवेश और विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

