Wednesday, September 23, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending news4 लाख रुपये जुर्माना लगा तो सड़क पर उतरे डंपर संचालक, 23...

4 लाख रुपये जुर्माना लगा तो सड़क पर उतरे डंपर संचालक, 23 सितंबर से चक्का जाम की धमकी

भोपाल: वाहनों पर लगाए जा रहे भारी जुर्माने के विरोध में भोपाल के डंपर संचालकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। संचालकों का आरोप है कि खनिज और अन्य विभागों की कार्रवाई में डंपरों पर चार लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके विरोध में मंगलवार को संचालकों ने कमला नगर थाने में प्रदर्शन किया। संगठन ने मांगें नहीं माने जाने पर 23 सितंबर से चूनाभट्टी चौराहे पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।

लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति और ट्रक एसोसिएशन से जुड़े लोगों का दावा है कि भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में करीब 2 हजार डंपरों के पहिये थमे हुए हैं। करीब 700 संचालकों के आंदोलन के समर्थन में होने का भी दावा किया गया है। चूनाभट्टी से सर्वधर्म ब्रिज तक कोलार रोड के दोनों ओर डंपर खड़े किए जाने की बात कही गई है। ईंटखेड़ी, रायसेन रोड और 11 मील समेत अन्य इलाकों में भी वाहन खड़े होने का दावा है।

तीन साल से कार्रवाई का दावा

डंपर संचालकों का कहना है कि वे करीब तीन वर्षों से इस तरह की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चार लाख रुपये तक के जुर्माने के अलावा 20 से 40 हजार रुपये तक की अतिरिक्त राशि भी वसूली जा रही है। संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ के कारण कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है।

रातीबड़ में अवैध खनन का मुद्दा उठाया

प्रदर्शन के दौरान रातीबड़ क्षेत्र में कथित अवैध खनन का मुद्दा भी उठाया गया। समिति का आरोप है कि अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन कार्रवाई मुख्य रूप से परिवहन करने वाले वाहन मालिकों और चालकों पर हो रही है। समिति ने मांग की कि अवैध खनन और खनिज परिवहन की जिम्मेदारी अलग-अलग तय कर जांच की जाए।

कलेक्टर से जांच की मांग

समिति ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को आवेदन देकर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत लगाई जा रही शास्तियों की समीक्षा की मांग की है। संचालकों ने उन मामलों में राहत देने की मांग की है, जिनमें वाहन मालिक या चालक खुद को जिम्मेदार नहीं मानते।

23 सितंबर से चक्का जाम की चेतावनी

ये भी पढ़े:ट्राई का नया नियम: बिना डेटा वाले रिचार्ज प्लान देना होगा अनिवार्य

समिति के अध्यक्ष पवन सिंह राजपूत के मुताबिक, समस्या के समाधान के लिए मंत्रालय, विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया गया, लेकिन अपेक्षित राहत नहीं मिली। अब संचालक मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी मांग रखने की तैयारी में हैं। संगठन का कहना है कि 22 सितंबर तक राहत नहीं मिली तो 23 सितंबर से चूनाभट्टी चौराहे पर चक्का जाम किया जाएगा।

डंपरों के खड़े रहने से रेत, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री की ढुलाई प्रभावित हो सकती है। आंदोलन लंबा चलने पर शहर में निर्माण सामग्री की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

20 to 26 September 2026
13 to 19 September 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन