भोपाल। सरकारी विभागों में कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए अब आर्टिफ़िशियल इंटलीजेंस आधारित प्रशिक्षण शुरू हो गया है। अगले पांच महीनों में पांच हजार कर्मचारी आधुनिक एआई उपकरणों में दक्ष बनाए जाएंगे।
डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप अब सरकारी विभाग भी तेजी से हाईटेक होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में शासकीय कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को आर्टिफ़िशियल इंटलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) टूल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा प्रारंभ किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में उत्पादकता, पारदर्शिता और समय प्रबंधन को मजबूत बनाना है।
सीहोर जिले में अब तक लगभग 1000 कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि आगामी पाँच महीनों में प्रदेशभर के लगभग 5000 कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। यह प्रशिक्षण विभिन्न जिला मुख्यालयों के ई-दक्ष केंद्रों में दिया जा रहा है, जहाँ विशेषज्ञ प्रशिक्षक पत्र, ईमेल, नोटशीट, फ़ोटो और वीडियो तैयार करने जैसी दैनिक प्रक्रियाओं को एआई की मदद से तेज और सटीक बनाना सिखा रहे हैं।
हेड एआई प्रशिक्षक अभिनव मोदी के अनुसार, एआई आधारित उपकरणों के उपयोग से सरकारी कार्यों में समय की बचत होगी और दक्षता कई गुना बढ़ जाएगी। यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में राज्य के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकारी दफ्तरों में एआई दक्षता हांसिल करेंगे पांच हजार अधिकारी-कर्मचारी


