भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कुशवाहा बेटों संग हुए गिरफ्तार

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भोपाल। पुलिस ने एक बड़े और लंबे समय से चल रहे विवाद पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। बता दें मामला टीटी नगर के अंजलि कॉम्प्लेक्स स्थित कुशवाहा भवन से जुड़ा है, जहाँ कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कर पिछले 15 वर्षों से अवैध कब्जा किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि इन दस्तावेज़ों के आधार पर भवन को निजी संपत्ति की तरह उपयोग किया जा रहा था, जिसके भीतर एक ऑफिस और गर्ल्स हॉस्टल भी कई वर्षों से संचालित हो रहा था।

वरिष्ठ भाजपा नेता के परिजनों की भी गिरफ्तारी

इस प्रकरण में पुलिस ने केवल भगत सिंह कुशवाहा को ही नहीं, बल्कि भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल भानपुर के बेटे सीताराम कुशवाहा और मोहन कुशवाहा को भी गिरफ्तार किया है। जांच में पुष्टि हुई कि इन तीनों ने मिलकर भवन पर कब्जा बनाए रखने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों की योजना बनाई और उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मान्य कराने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार यह मामला केवल धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि सामुदायिक संपत्ति को निजी हितों के लिए उपयोग करने का गंभीर आरोप है।

कुशवाहा समाज की संपत्ति को निजी उपयोग में लाने का आरोप

टीटी नगर पुलिस ने बताया कि जिस भवन पर कब्जा किया गया, वह मूल रूप से कुशवाहा समाज को आवंटित सामुदायिक भवन था, जिसका उद्देश्य सामाजिक कार्यक्रमों, सामुदायिक बैठकों और समाज के विकास कार्यों के लिए उपयोग होना था। आरोपियों ने न सिर्फ इस भवन को अपने निजी व्यावसायिक उपयोग के लिए बदल दिया, बल्कि लंबे समय से इसे अपना व्यक्तिगत अधिकार बताकर किराए और व्यवसाय से आर्थिक लाभ भी लिया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच

भोपाल पुलिस अब इस मामले में दस्तावेज़ों की फोरेंसिक जांच, आर्थिक लेन-देन और कब्जे की अवधि से जुड़े पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सामुदायिक संपत्तियों की सुरक्षा और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।