भोपाल। भोपाल में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा आयोजित की गई है, जिसका उद्घाटन सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दीप प्रज्वलन और फीता काटकर किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री सारंग ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का विस्तार से निरीक्षण किया। इन स्टॉलों में सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी संगठनों, महिला स्व-सहायता समूहों, शासकीय विभागों और उत्पादक संगठनों द्वारा कृषि, दुग्ध, बीज, उर्वरक, बैंकिंग, मत्स्य पालन, वनोपज, सौर ऊर्जा, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका से जुड़े उत्पाद एवं सेवाएँ प्रदर्शित की गईं।
मंत्री सारंग ने प्रदर्शनी में उपस्थित प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि सहकारिता आंदोलन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की सामाजिक और आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर अग्रसर है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में सहकारिता क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में 29 जून से 5 जुलाई तक प्रदेश में ‘सहकारी सप्ताह’ मनाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न जागरूकता और प्रदर्शनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सहकारी प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण
इस प्रदर्शनी में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रमुख सहकारी संस्थाएँ शामिल हैं, जिनमें सांची, मार्कफेड, इफको, कृभको, नेफेड, अपेक्स बैंक, एनसीडीसी और नाबार्ड जैसे संगठन प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन संस्थाओं ने अपने-अपने स्टॉलों पर आधुनिक सहकारी मॉडल, वित्तीय सेवाएँ, कृषि नवाचार और ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की है।
इसके साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पाद, सिलाई-कढ़ाई से जुड़े कार्य, जैविक उत्पाद, स्थानीय कृषि उत्पाद और एफपीओ आधारित वस्तुओं का प्रदर्शन भी किया गया है।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर
मंत्री सारंग ने महिला स्व-सहायता समूहों और कारीगरों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें सिलाई मशीनें, टूल किट और आवश्यक सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिलाओं, किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और सभी से हरित मध्यप्रदेश बनाने की अपील की।
प्रदर्शनी का उद्देश्य
यह प्रदर्शनी सहकारी संस्थाओं को अपने उत्पादों के विपणन का एक प्रभावी मंच प्रदान करती है, साथ ही उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच विश्वास को मजबूत करती है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
यह प्रदर्शनी 4 जुलाई 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।

