यूक्रेन: विदेश मंत्री एस जयशंकर यूक्रेन दौरे पर हैं,जहां वे यूक्रेन और पोलैंड के शीर्ष नेताओं से बातचीत करेंगे। दौरे में द्विपक्षीय रिश्तों, क्षेत्रीय हालात और रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने युुद्द में मध्यस्थता के दिए संकेत
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी जंग को खत्म कराने की कोशिशों में भारत अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कीव में कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से शांति कायम करने में मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर भारत मध्यस्थता की भूमिका भी निभा सकता है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बातचीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘अगर भारत किसी भी तरह मदद कर सकता है, तो हम मौजूद हैं
पीएम मोदी भी कूटनीतिक तरीके से समाधान की बात कह चुके हैं
भारत शुरुआत से ही रूस-यूक्रेन जंग का हल बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत की मेज पर निकलना चाहिए। 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में हुए SCO समिट में पीएम मोदी ने युद्ध और वैश्विक संघर्षों को लेकर काफी स्पष्ट संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि सभी तनाव और संघर्षों का समाधान जंग के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए.

