नई दिल्ली: जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी मंत्री को हटाने या सरकार पर दबाव बनाने के लिए सड़क पर आंदोलन करना सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद देश के हर बड़े मुद्दे पर चर्चा का सबसे बड़ा मंच है और यदि किसी को सरकार की नीतियों से आपत्ति है तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए।
कंगना ने कहा कि जंतर-मंतर पर जिस तरह का प्रदर्शन और हंगामा हो रहा है, वह लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने सरकार को जनादेश दिया है और सरकार को अपना काम करने दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने टिप्पणी की कि अगर कोई खुद को इतना सक्षम मानता है तो चुनाव लड़कर जनता का समर्थन हासिल करे, न कि आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाए।
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वहीं बीजेपी सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सड़क पर टकराव से नहीं, बल्कि संवाद और संसदीय चर्चा से निकलता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हमेशा छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के हित में काम करती रही है, इसलिए इस तरह के आंदोलनों का कोई विशेष औचित्य नहीं दिखता। हेमा मालिनी ने प्रदर्शन में छात्रों की भागीदारी पर भी चिंता जताई और कहा कि युवाओं को भड़काने या गुमराह करने की बजाय सकारात्मक बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
हालांकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। CJP का प्रदर्शन छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर लगातार जारी है, जिसके बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।

