सिवनी / नितिन तिवन। नगर पालिका परिषद सिवनी के डंप यार्ड में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित डंप यार्ड में प्रतिदिन नगर का कचरा डंप किया जा रहा है, लेकिन कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पृथक्करण के लिए लगाई गई करोड़ों रुपये की मशीनें निष्क्रिय पड़ी हैं। इसके चलते डंप यार्ड में जमा कचरे में आग लगाकर निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है।
डंप यार्ड से उठने वाले जहरीले धुएं और बदबू से आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कचरे से निकलने वाली दुर्गंध, मक्खियों और अन्य कीटों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। लगातार फैल रहे प्रदूषण से लोगों में नाराजगी है और वे प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस पार्षद एवं प्रवक्ता राजिक अकील ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में डंप यार्ड में कचरे की छंटाई के लिए मशीनें संचालित होती थीं। जहां प्लास्टिक, कांच, कपड़े, रबर, मिट्टी और अन्य सामग्री को अलग-अलग किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष के कार्यकाल में इस व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे डंप यार्ड की स्थिति लगातार खराब होती गई है। उन्होंने वहां स्थायी ग्रेडिंग मशीन स्थापित कर नियमित कचरा पृथक्करण की मांग की।
कचरा जलाना समाधान नहीं- विधायक
वहीं भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने भी कहा कि कचरा जलाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि इससे प्रदूषण और बढ़ता है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका को कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक राशि और मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही विधायक ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और वे नगर पालिका सीएमओ से चर्चा कर जल्द समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
टेंडर प्रक्रिया जारी : सीएमओ
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है तथा आवश्यक मशीनरी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी दो से तीन माह के भीतर कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों को कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल डंप यार्ड में जमा कचरा और उससे फैल रहा प्रदूषण शहरवासियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। बदबू, गंदगी और बीमारियों की आशंका के बीच लोग प्रशासन से शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।

