नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए विवादित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल 216 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड (Criminal Record) रहा है। इनकी पहचान फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR), CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच के बाद की गई है। अब पुलिस इन सभी व्यक्तियों की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है।
फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से हुई पहचान
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान के लिए आधुनिक Face Recognition System (FCR) का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो व तस्वीरों का भी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान 216 ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें पश्चिम दिल्ली, उत्तर-पूर्व दिल्ली, दक्षिण दिल्ली समेत राजधानी के कई अन्य जिलों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
हिंसा के दौरान कई वीडियो आए सामने
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई थी, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कुछ लोगों को पुलिस बैरिकेड तोड़ते और सुरक्षा बलों के साथ धक्का-मुक्की करते देखा गया। पुलिस का कहना है कि कुछ वीडियो में सुरक्षा बलों पर हमला करने की भी घटनाएं दिखाई दी हैं। इन्हीं फुटेज के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
बल प्रयोग के आरोपों की भी जांच जारी
दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप भी लगे हैं। कुछ वीडियो सामने आने के बाद यह आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने भी पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। विशेष रूप से पेलेट गन के इस्तेमाल और बल प्रयोग से जुड़े आरोपों की समीक्षा की जा रही है।
हर वीडियो और फोटो की होगी फॉरेंसिक जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब सोशल मीडिया पर वायरल हर वीडियो और फोटो की डिजिटल व फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। उद्देश्य यह पता लगाना है कि हिंसा की शुरुआत किसने की, किन लोगों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की और क्या किसी वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं। एक ओर दिल्ली पुलिस प्रदर्शन में शामिल संदिग्ध और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों पर लगे अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की भी समीक्षा की जा रही है। दोनों जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

