नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक वीडियो को कुछ समय के लिए हटाए जाने का मामला अब गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। इसी सिलसिले में Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान अपनी टीम के साथ नई दिल्ली पहुंचे और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। बैठक के दौरान कंपनी ने वीडियो हटने की पूरी घटना और उसके कारणों पर अपना पक्ष रखा।
Meta ने दी तकनीकी गलती की सफाई
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में Meta अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री का वीडियो तकनीकी त्रुटि के कारण प्लेटफॉर्म से हट गया था और बाद में उसे बहाल कर दिया गया। कंपनी पहले भी इस घटना पर खेद जता चुकी है और इसे अनजाने में हुई गलती बताया था।
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संसदीय समिति ने मांगी जुकरबर्ग से माफी
बता दें मामले को लेकर संसद की स्थायी समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। समिति ने Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। समिति का कहना है कि प्रधानमंत्री से जुड़े आधिकारिक कंटेंट का हटाया जाना बेहद गंभीर मामला है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
MeitY ने मांगा जवाब
वहीं केंद्र सरकार ने भी इस घटना पर Meta से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के अधिकारियों की सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात प्रस्तावित है, जहां कंटेंट मॉडरेशन और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वीडियो परीक्षा संबंधी विवादों और पेपर लीक पर सरकार की कार्रवाई से जुड़ा था। यह वीडियो कुछ घंटों तक फेसबुक पर उपलब्ध नहीं रहा। बाद में Meta ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए बहाल कर दिया। फिलहाल इस पूरे मामले पर सरकार और Meta के बीच संवाद जारी है।

