भोपाल। मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं का आज से आगाज हो गया है। प्रदेश भर में 3,856 केंद्रों पर लगभग 16 लाख छात्र अपनी वर्ष भर की गई मेहनत का इम्तिहान देकर काबलियत को परखेंगे। इस दौरान प्रशासन ने नकल रोकने के लिए कड़े पहरे के साथ हाई-टेक इंतजाम किए हैं।
मध्य प्रदेश 12वीं और 10वीं बोर्ड में लाखों विद्यार्थियों के लिए आज का दिन उनके शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं आज, मंगलवार (10 फरवरी) से शुरू हो गई हैं। पहले दिन कक्षा 12वीं के छात्र अंग्रेजी विषय की परीक्षा दे रहे हैं, जबकि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से उर्दू विषय के साथ शुरू होंगी।
16 लाख विद्यार्थी होंगे परीक्षाओं में शामिल
इस वर्ष परीक्षा में कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। इनमें 12वीं के लगभग 7 लाख और 10वीं के 9 लाख से अधिक छात्र शामिल हैं। पूरे प्रदेश में 3,856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 206 केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। नकल रोकने के लिए उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) तैनात किए गए हैं और संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग न हो सके। प्रश्नपत्रों के वितरण से लेकर परीक्षा के समापन तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। साथ ही, सभी केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है।
छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, लेकिन छात्रों को 8ः30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गई है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ केवल प्रवेश पत्र पहचान पत्र और आवश्यक लेखन सामग्री ही लाएं। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और ब्लूटूथ जैसे उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परीक्षाएं 7 मार्च तक संचालित होंगी।
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