दिल्ली: राजधानी दिल्ली और मेरठ के बीच चलने वाली देश की पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन ‘नमो भारत’ के यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। मेट्रो और रेलवे पुलिस की तर्ज पर दिल्ली पुलिस रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए विशेष सुरक्षा मॉडल तैयार कर रही है। पुलिस की योजना नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर और इसके प्रमुख मल्टीमॉडल हब की सुरक्षा के लिए 5 नए थाने स्थापित करने की है। इन थानों के जरिए कॉरिडोर, स्टेशन और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
NCRTC के साथ तैयार हो रही रूपरेखा
जानकारी के मुताबिक, नए थानों को लेकर दिल्ली पुलिस और नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) के बीच समन्वय किया जा रहा है। एनसीआरटीसी के माध्यम से प्रस्तावित थानों की रूपरेखा लगभग तैयार की जा चुकी है। इन थानों के अस्तित्व में आने के बाद नमो भारत कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
दो लेयर में होगी सुरक्षा व्यवस्था
रैपिड रेल की सुरक्षा व्यवस्था को मुख्य रूप से दो स्तरों में बांटने की योजना है। मेट्रो के सुरक्षा मॉडल की तर्ज पर स्टेशनों के परिसर, चेकिंग पॉइंट और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के पास रहेगी। स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और जांच के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में एआई-सक्षम जांच उपकरणों को भी शामिल किए जाने की योजना है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और निगरानी को बेहतर बनाया जा सके।
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स्टेशन के बाहर दिल्ली पुलिस संभालेगी मोर्चा
वहीं, स्टेशनों के बाहर के हिस्से, पार्किंग एरिया और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के प्रस्तावित पांच नए थानों की होगी। इन थानों के पुलिसकर्मी आपराधिक घटनाओं से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने और जांच का काम भी संभालेंगे। इस तरह स्टेशन परिसर के भीतर सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ और स्टेशन के बाहर कानून-व्यवस्था तथा आपराधिक मामलों की जांच की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के बीच बांटने की तैयारी है। नए थानों को लेकर दिल्ली पुलिस और एनसीआरटीसी के बीच समन्वय किया जा रहा है। एनसीआरटीसी के माध्यम से प्रस्तावित थानों की रूपरेखा लगभग तैयार की जा चुकी है।

