Sunday, September 20, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsलोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, 10 घंटे की...

लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, 10 घंटे की बहस के बाद ध्वनि मत से फैसला

दिल्ली। संसद में बुधवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब Om Birla के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लंबी बहस के बाद खारिज हो गया। यह प्रस्ताव Lok Sabha में करीब 10 घंटे से अधिक चली तीखी चर्चा के बाद ध्वनि मत (Voice Vote) से गिर गया। इस दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति भी बनी रही।

अमित शाह ने प्रस्ताव को बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’

बता दें बहस के दौरान Amit Shah ने विपक्ष के कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि- करीब चार दशकों बाद किसी लोकसभा स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव लाया गया है, जो संसद की परंपराओं के लिहाज से दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का पद संसदीय लोकतंत्र का निष्पक्ष और गरिमापूर्ण संस्थान होता है, और इस तरह के प्रस्ताव लाना लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।

गृह मंत्री ने राहुल गांधी की सदन में अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी संसद में गंभीर चर्चा होती है, तब विपक्ष के नेता अक्सर विदेश दौरों पर रहते हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि- संसद में नियमों और अनुशासन का पालन करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और अगर कोई सदस्य नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसका माइक्रोफोन बंद किया जा सकता है।

लंबी बहस के बाद प्रस्ताव खारिज

जानकारी के मुताबिक, स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस प्रस्ताव पर दिनभर चर्चा चली। कई विपक्षी सांसदों ने सदन की कार्यवाही, माइक्रोफोन बंद करने और बोलने के समय को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। हालांकि बहस के अंत में जब मतदान कराया गया तो ध्वनि मत से प्रस्ताव खारिज कर दिया गया और स्पीकर ओम बिरला के पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक निराशा में संवैधानिक पदों की गरिमा को चुनौती दे रहा है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि सदन में उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा। अब इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

ई-पेपर

13 to 19 September 2026
6 to 12 September 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन